आप से नाउम्मीद नहीं

आने वाले सालों में उपलब्धियां 'आप' के पास भी होंगी गिनाने को. मोल-तोल की मीडिया 'आप' के नाम का भी ढोल बजाएगी ही. बाकियों से बेहतर तो 'आप' यूँ भी करोगे क्यूंकि अभी 'आप' के पास किसी का कुछ बकाया नहीं होगा. आइये स्वागत है भारतीय राजनीति के महासागर में....मुबारक हो कि 'आप' ने देर-सबेर वही स्विम-सूट पहन लिया. उम्मीद अभी भी 'आप' से ही है, क्यूंकि अभागे ग्राहक के पास गिनी-चुनी वही दुकानें हैं और 'आप' के यहाँ फिर भी थोड़ी राहत है. 'आप' निश्चिन्त रहें, इतिहास में 'आप' दर्ज तो हो ही गए हैं....बस सोच इतना ही रहा हूँ कि 'भारतीय राजनीति को नीति की राजनीति' के लिए अभी और, आह अभी और .....प्रतीक्षा करनी होगी....!
नाउम्मीद नहीं हूँ मै !

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