दूरियां

दूरियां दूर कराती हैं कई गिले शिकवे भी
फासला जरूरी है ,आँखों की नमी के लिए..........!

#श्रीश पाठक प्रखर 
एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वो भूंकते कुत्ते...

निकल आते हैं आंसू हंसते-हंसते,ये किस गम की कसक है हर खुशी में .

लंबे लाल पहाड़