चैटिंग


अगल-बगल बंद केबिनों में  

दूर दोस्ती तलाशते लोग  

प्रति घंटे मात्र १० रुपये पर व्यस्त थे. 

नजदीकियों से नजदीकियां बढ़ाना  
महंगा बहुत हो गया है शायद.

#श्रीश पाठक प्रखर
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