खता




".........खता तबसे शुरू हो गई बेसाख्ता;
......अजमाना जबसे जनाब ने शुरू किया......."
#श्रीश पाठक प्रखर 
1 टिप्पणी

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

वो भूंकते कुत्ते...

निकल आते हैं आंसू हंसते-हंसते,ये किस गम की कसक है हर खुशी में .

क्या हम कभी इतने 'सभ्य' नहीं रहे कि 'हाशिया' ही ना रहे...?